मानव समाज के रचयिता मुख्य समाजशास्त्र, सद्भाव, धर्म निरपेक्षता शिक्षा का विकास एवं स्वस्थ समाज की स्थापना हेतु आदिकाल से व्यवस्थाएं स्थापित रही हैं। जिनका संचालन शासन व प्रशासन के साथ-साथ देश के नागरिकों की अहम भूमिका रही है। यह सत्य है कि समाज में ऊंच-नीच का भेदभाव एवं भ्रष्टाचार से निजात पाने हेतु शासन द्वारा नियम कानून कार्यवाही समय-समय पर बनाई जाती है मगर उनकी पालना में सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारियों द्वारा कोताही बरती जा रही है। इस कारण समाज की धारा से वंचित व्यक्ति उसको मिलने वाले लाभ से महरूम रह रहे हैं। ऐसे में समाज की आवश्यकताओं को देखते हुए कुछ विचारवान साथियों ने मिलकर 20 जून 1988 में भ्रष्टाचार निरोधक एवं अत्याचार विरोधी संस्थान का पंजीकरण कराया। तथा समाज के जागरूक विरोधी संगठन से जुड़कर कार्य को आगे बढ़ाने हेतु आवश्यकतानुसार टाइगर संस्थान को विस्तृत रूप देने के लिए इसके कार्य क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक कर दिया गया और अब इस संगठन को देश स्तर पर स्वरूप दिया गया। नवीन संविधान में सभी बिंदुओं को सुनने के प्रयास किए जाएंगे ताकि हमारे समाज के मजबूर एवं कमजोर व्यक्ति की बात को शासन के कुछ चंद भ्रष्टाचारियों की वजह से खो जाने से बचाकर उन्हें सही दिशा निर्देशों में अवगत कराकर विकास की धारा से जोड़ा जा सके।
वर्तमान में भ्रष्टाचार एवं अत्याचार चरम सीमा पर पहुंच चुका है। इन दोनों सामाजिक बुराइयों से निजात पाने के लिए सामूहिक प्रयास करना अति आवश्यक है अन्यथा देश की आजादी किसी भी समय खतरे में पड़ सकती है और अगर देश के चंद लुटेरों के कारनामों पर पैनी निगाह नहीं रखी गई तो देश के 60 प्रतिशत नागरिक निशाना बन जायेंगे।
आइये हम सब मिलकर ऐसे प्रयास करें कि इन साम्प्रदायिक एवं नागरिकों की गतिविधियों की रोकथाम के लिए जन जागृति का अलख जगाएं ताकि राष्ट्र को संकट में पहुंचाने वाले उन लोगों का असली चेहरा समाज के सामने प्रस्तुत किया जा सके। जिसमें 10 प्रतिशत लोगों के पास 82 प्रतिशत सम्पत्ति पर कब्जा है जबकि 90 प्रतिशत लोग गरीब रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। टाइगर फोर्स हम सभी धर्म का संगठन है। इसलिए आप NACAAO परिवार के सदस्य के रूप में जुड़कर जनहित कार्यों को आगे बढ़ाएं।
यही मेरी अपील है। धन्यवाद।
“जय हिन्द, जय भारत”
जे. एस. सिकरवार
राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक एवं अत्याचार विरोधी टाइगर संस्थान
(टाइगर फोर्स) नई दिल्ली-75